‘करें राष्ट्रआराधन’ आपके लिये, वचन पालन करते हुए डो. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी की सुंदर श्रेणी ‘चाळ्क्य’ से |
इसका कुछ और ऐतिहासिक महत्व भी है | कह सकेंगे? यह गीत “चाळक्य” श्रेळी से बहोत पहले रचा गया था और आझादी के समय इसकी लोकप्रियता के कारळ एक बार राष्ट्रगीत के लिये इसका भी विचार किया गया था |
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